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Facilities Details

उत्तर प्रदेष मूक बधिर विद्यालय, 4/7, मालवीया रोड, जार्ज टाउन, इलाहाबाद एक स्वैच्छिक संस्था (छळव्) है, जिसका संचालन प्रबन्ध समिति द्वारा किया जाता है इस विद्यालय की स्थापना 1929 में की गयी। वर्ष 1965 में विद्यालय का अपना निजी भवन प्रबन्ध समिति द्वारा निर्मित कराया गया, जिसमें श्रवण विकलांगो केा विषेष षिक्षा प्रदान की जा रही है। 

1- भूमि एवं भवन की उपलबधता - विद्यालय के पास लगभग 4,1/2 एकड भूखण्ड उपलबध है, जिस पर विद्यालय भवन भूतल एवं प्रथम तल मिलाकर 5260 वर्ग मीटर पर निर्माण कराया गया है, जिसमें 15 षिक्षण कक्ष, एक हाल,एक प्रयोगषाला,एक कम्प्यूटर कक्ष, एक श्रवण जाॅच प्रयोगषाला, अन्य क्लीनिकल कक्ष, कार्यक्रम के लिए उपलबध है।
2-कक्षाओं का संचालनः-विद्यालय में नसर्री से लेकर हाई स्कूल तक कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है, बधिर बालकों को अन्य विषयों के साथ-साथ भाषा वाणी एवं श्रवण विकास पर अधिक बल दिया जाता है। वर्ष 2014-15 में हाई स्कूल की वार्षिक परीक्षा राष्ट्र्ीय मुक्त विद्यालयी षिक्षा संस्थान, नई दिल्ली द्वारा माह अप्रैल 2015 में सम्पन्न हुई जिसमें कुल 33 छात्र/छात्राए सम्मिलित हुए । परीक्षा में सम्मिलित समस्त परीक्षार्थी उत्र्तीण घोषित किए गए

3-प्रदत्त सुविधाएः-
3-1-श्रवण प्रषिक्षणः- विद्यालय में अध्ययनरत छात्र/छात्राओं के अवशिष्ट श्रवण क्षमता के आधार पर विषेष प्रकार का श्रवण प्रषिक्षण प्रदान किया जाता है इसकी सहायता से बालकों में ध्वनि का आभाष एवं उसकी पहचान की क्षमता बढती है। यह प्रषिक्षण व्यक्तिगत श्रवण यन्त्र की सहायता से प्रदान किया जाता है, विभिन्न प्रकार के ध्वनि उत्पादक यन्त्रों का उपयोग कर बालकों की श्रवण क्षमता विकसित की जाती है, जिससे बालक विद्यालय ही नही बल्कि वातावरण में भी ध्वनियों की पहचान करनें में सक्षम बन सकते है।
3-2-चिकित्साः- श्रवण दोष के कारण बधिर बालकों में वाणी दोष आ जाता है जिसके सुधार के लिए कक्षा में वाणी सुधार का प्रयास किया जाता है, इसके अतिरिक्त बालको के गहनत्म वाणी दोष को देखते हुए अलग से वाक् चिकित्सा, वाक् चिकित्सक द्वारा प्रदान की जाती है। इस चिकित्साक से बालकों के उच्चारण में शुद्वता आती है और वे अपनी भावनाओं को मैाखिक रुप से बोलने का प्रयास करते है। इस चिकित्सा हेतु स्पीच ट्रेनर्स, दर्पण, चित्र कार्ड, शब्द कार्ड एवं श्रवण यन्त्रों का उपयोग किया जाता है।
3-3-श्रवण मुल्यांकनः- विद्यालय में बालको के श्रवण मूल्यांकन करने के लिए एक विषेष प्रकार का श्रवण मूल्यांकन प्रयोगषाला का निर्माण कराया गया है, जो पूरी तरह से ध्वनि अवरोधक सामाग्री से निर्मित है। लाभार्थियों का श्रवण मूल्यांकन श्रवण मापक यन्त्र द्वारा किया जाता है प्राप्त मूल्यांकन के आधार पर ही लाभार्थियो को उपयुक्त श्रवण यन्त्र का चुनाव किया जाता है।
3-4-भाषा एवं सम्प्रेक्षणः-अध्ययनरत लाभार्थियो के भाषा एवं सम्प्रेक्षण विकास के लिए विभिन्न प्रकार के प्रषिक्षण प्रदान किए जाते है। बालको में उनके विकास के लिए माड्ल, चित्र कार्ड, शब्द कार्ड, चार्ट, दृष्टि चार्ट एवं श्रव्य दृष्य जैसे यन्त्रो का भी उपयोग किया जाता हेै। सम्प्रेक्षण विकास हेतु भारतीय पुर्नवास परिषद, नई दिल्ली द्वारा निर्धारित तरीकों में से सम्पूर्ण सम्प्रेक्षण विधि को अपनाया गया है जिसके उपयोग द्वारा लाभार्थियो से सम्प्रेक्षण कौषल क्षमता का विकास किया जाता है।

3-5-आवासीय सुविधाः- विद्यालय परिसर में ही एक छात्रावास भवन का निमार्ण कराया गया जिसमें 18 कमरे एवं 5 हाल भूतल एवं प्रथम तल पर निर्मित है इस छात्रावास में प्रदेष उत्तर प्रदेष ही नही बल्कि अन्य प्रदेषो के भी श्रवण विकलांग बच्चे लाभान्वित हो रहे है। वर्ष 2014-15 में कुल 100 आवासीय श्रवण विकलांग बच्चें लाभ प्राप्त कर चुके है।

( 4 )3-6-पुस्तकालयः- विद्यालय में एक पुस्तकालय भी र्निमित है, जिसमें पाठ्यक्रम, लोकोक्ंितया, कहानियों एवं अन्य पुस्तको का संग्रह किया गया है जिससे लाभार्थी लाभान्वित हो रहे है।
3-7-खेल-कूदः- विद्यालय प्रागड में बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए खेल-कूद की सुविधाए प्रदान की जाती है। समय-समय पर बालकों के खेल सम्बन्धी क्षमता प्रदर्षन के लिए कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाता है।
3-8-विकलांग प्रमाण-पत्रः- वर्ष 2014-15 में लाभार्थियो के अभिभावको द्वारा यह सूचित किया गया है कि उनके विकलांग प्रमाण-पत्र निर्गत में कठिनाई हो रही है। लाभार्थियो के इस प्रमाण-पत्र को जारी करने के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी, इलाहाबाद एवं नाक कान एवं गला विभाग के विभागाध्यक्ष, इलाहाबाद से सम्पर्क कर लगभग 82 बालक/बालिकाओं का विकलांगता प्रमाण-पत्र जारी कराया गया जिसकी सहायता से लाभार्थी भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा घोषित विकलंागों के लिए सुविधाओं से लाभान्वित हो रहे है।
3-9-निःषुल्क श्रवण यन्त्र वितरणः- वर्ष 2014-15 में स्टार की कम्पनी के माध्यम से सम्र्पक कर अध्ययनरत बालक/बालिकाओ को निः शुल्क बीटीए श्रवण यन्त्र वितरित कराया गया। इस वितरण से बालक/बलिकाओ के साथ-साथ उनके अभिभावक भी उत्साहित हुए।
3-10-छात्रवृत्ति एवं यात्रा भत्ताः- सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार की अनुदान नीति के तहत अध्ययनरत लाभार्थियो को छात्रवृत्ति रुपया 200/- प्रतिमाह एवं यात्रा भत्ता रुपया 350/- प्रतिमाह की दर से भुगतान किया जाना है। अनुदान के समयान्तर्गत न आने के कारण अभी इसका भुगतान लाभार्थियो को नही हो सका है। वर्ष 2013-14 की छात्रवृत्ति एवं यात्रा भत्ता का वितरण किया गया है।

3.5.आवासीय सुविधाः. विद्यालय परिसर में ही एक छात्रावास भवन का निमार्ण कराया गया जिसमें 18 कमरे एवं 5 हाल भूतल एवं प्रथम तल पर निर्मित है इस छात्रावास में प्रदेष उत्तर प्रदेष ही नही बल्कि अन्य प्रदेषो के भी श्रवण विकलांग बच्चे लाभान्वित हो रहे है। वर्ष 2014.15 में कुल 100 आवासीय श्रवण विकलांग बच्चें लाभ प्राप्त कर चुके है।


3.6.पुस्तकालयः. विद्यालय में एक पुस्तकालय भी र्निमित हैए जिसमें पाठ्यक्रमए लोकोक्ंितयाए कहानियों एवं अन्य पुस्तको का संग्रह किया गया है जिससे लाभार्थी लाभान्वित हो रहे है।
3.7.खेल.कूदः. विद्यालय प्रागड में बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए खेल.कूद की सुविधाए प्रदान की जाती है। समय.समय पर बालकों के खेल सम्बन्धी क्षमता प्रदर्षन के लिए कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाता है।
3.8.विकलांग प्रमाण.पत्रः. वर्ष 2014.15 में लाभार्थियो के अभिभावको द्वारा यह सूचित किया गया है कि उनके विकलांग प्रमाण.पत्र निर्गत में कठिनाई हो रही है। लाभार्थियो के इस प्रमाण.पत्र को जारी करने के लिए मुख्य चिकित्साधिकारीए इलाहाबाद एवं नाक कान एवं गला विभाग के विभागाध्यक्षए इलाहाबाद से सम्पर्क कर लगभग 82 बालकध्बालिकाओं का विकलांगता प्रमाण.पत्र जारी कराया गया जिसकी सहायता से लाभार्थी भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा घोषित विकलंागों के लिए सुविधाओं से लाभान्वित हो रहे है।
3.9.निःषुल्क श्रवण यन्त्र वितरणः. वर्ष 2014.15 में स्टार की कम्पनी के माध्यम से सम्र्पक कर अध्ययनरत बालकध्बालिकाओ को निः शुल्क बीटीए श्रवण यन्त्र वितरित कराया गया। इस वितरण से बालकध्बलिकाओ के साथ.साथ उनके अभिभावक भी उत्साहित हुए।
3.10.छात्रवृत्ति एवं यात्रा भत्ताः. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालयए भारत सरकार की अनुदान नीति के तहत अध्ययनरत लाभार्थियो को छात्रवृत्ति रुपया 200ध्. प्रतिमाह एवं यात्रा भत्ता रुपया 350ध्. प्रतिमाह की दर से भुगतान किया जाना है। अनुदान के समयान्तर्गत न आने के कारण अभी इसका भुगतान लाभार्थियो को नही हो सका है। वर्ष 2013.14 की छात्रवृत्ति एवं यात्रा भत्ता का वितरण किया गया है।

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